Year: 2023
मैंने कहा, जाती हुई उम्र से… ‘जरा ठहरो ना’ उसने कहा, मैं उम्र हूं!...
कभी बचपन के पास से गुजर कर देखो बचपना आ जाएगा। कभी पचपन के...
#UBI_contest_111 #कविता विषय : आम का अचार आम का अचार बनाते हैं, आओ खाते...
आज की कविता है, बेटियां तितली नहीं हैं! इस कविता के रचनाकार हैं,...
शिवाय नमः, शंकराय नमः, जगदीश्वराय नमः, महेश्वराय नमः। नीलकंठाय, त्रिपुरान्तकाय, भोलेनाथाय मृडाय, हर...
छोटा सा नन्हा सा वो पोस्टकार्ड ना जाने कहां खो गया या फिर बच्चों...
यादों के पिटारे से निकाल कर एक पोस्टकार्ड भिजवा रहा हूँ, छोटी सी...
॥ यूं ही जिंदगी हाथों से ॥ ॥ फिसलती जा रही है, ॥ ॥...
भारत का हर एक नागरिक चाहे वह बच्चा हो या बड़ा, स्त्री हो या...