चलिए एक बार फिर से चलते हैं, बचपन के किस्से में। ‘अंधेरा कायम...
कविता
मौलिक हिंदी कविताओं का विशाल संग्रह: सामाजिक, आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक
“हमारे ‘कविता’ अनुभाग में आपका स्वागत है! यहाँ आपको विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण द्वारा रचित सभी मौलिक हिंदी कविताएँ मिलेंगी। इस संग्रह में ‘मोबाइल का नशा’ और ‘मानवता के द्रोही’ जैसी महत्वपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं, जो सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। हिंदी कविता के इस अद्भुत संसार में गोता लगाएँ।”
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण कहते हैं, ‘कुछ ना कहकर सब कुछ कह जाने की कला ही कविता है’
ये मिट्टी है, हाँ जी ये मिट्टी है। इसकी खुशबू से खुद को...
भूख तो मौत से भी बड़ी होती है, सुबह मिटाओ, शाम को फिर...
लबों पर हर बार खामोशी झूलती है, लेकिन हर बात कहती हैं तुम्हारी आँखे...
कविता आंतरिक भावनाओं को समझाने का एक तरीका है… विश्व कविता दिवस आज ही...
एक शाम चौराहे पर दीया जल रहा था कभी मद्धम तो कभी भभक रहा...
कितने बोझिल थेवो समय, तुम्हारे इंतजार में।मेरे लिएतुम्हें ढूंढनाबड़ी चुनौती रहा। और जब तक...
विषय : दृष्टि दिनाँक : ०६/११/१९ मैंने देखा है…मैंने देखा है, राम को रोते...