रत्नाकर: दस्यु से महर्षि तक का पथ जिंदगी के बीहड़ में जब, मति...
कविता
मौलिक हिंदी कविताओं का विशाल संग्रह: सामाजिक, आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक
“हमारे ‘कविता’ अनुभाग में आपका स्वागत है! यहाँ आपको विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण द्वारा रचित सभी मौलिक हिंदी कविताएँ मिलेंगी। इस संग्रह में ‘मोबाइल का नशा’ और ‘मानवता के द्रोही’ जैसी महत्वपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं, जो सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। हिंदी कविता के इस अद्भुत संसार में गोता लगाएँ।”
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण कहते हैं, ‘कुछ ना कहकर सब कुछ कह जाने की कला ही कविता है’
कुरुक्षेत्र: अंतर्द्वंद्व का महासमर गांधारी गम के सागर में डूबी, अपने ममता के...
UBI Contest – 110 सृजन का संगम ईंट और पत्थरों के भीतर, एक...
कृतज्ञता के स्वर मैं सर्वप्रथम व्यक्त करता हूँ आभार, आदरणीय श्री महेश जी...
अंतर्द्वंद्व की परछाइयाँ मेरा लक्ष्य क्या पैसा है? मुझे पता नहीं! मेरा...
रास्ते और राही: जीवन की यात्रा और दार्शनिक अंतर्द्वंद्व पर एक मर्मस्पर्शी कविता | अश्विनी राय ‘अरुण’
रास्ते और राही जहाँ से मैं आ रहा हूँ, वहाँ वापस जाना नहीं...
उम्र से मुलाकात मैंने कहा—जाती हुई उम्र से, ‘जरा ठहरो तो सही!’ उसने...
कभी बचपन के पास से गुज़रकर तो देखो, बचपना आ जाएगा। कभी पचपन...
#UBI_contest_111 आम का अचार आम का अचार बनाते हैं, आओ खाते हैं, खिलाते...
बेटियाँ तितली नहीं हैं लेखक: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ बेटियाँ तितली नहीं हैं,...