शादी वाली बात शादी वाली बात है, अजी हमारी शादी वाली बात है।...
AshwiniRaiArun
प्रेम: एक निःस्वार्थ उपहार प्रिय स्वयं को सदा, प्रिय के ही लिए संवारता...
निगाहें और वफ़ा उनकी हिकारत को हम सहते रहे, मगर लब सदा ख़ामोश...
प्रेम: एक निःस्वार्थ उपहार प्रिय स्वयं को सदा, प्रिय के ही लिए संवारता...
अमिट स्मृतियाँ अलविदा कह कर भला, क्या चले जाते हैं लोग? मैंने तो...
वक्त का हिसाब कुछ लम्हे अपनी ही ज़िंदगी के, मैंने ज़िंदगी से चुरा...
मिट्टी की खुशबू: एक जीवन दर्शन ये मिट्टी है, हाँ जी ये मिट्टी...
सियासत भूख की भूख तो शायद मौत से भी बड़ी होती है, सुबह...
खामोश शोर वह टकटकी लगाए देखता रहा— कभी उस चमकती वीआईपी गाड़ी को, तो...
घर: कर्मों की बुनियाद इक आलीशान घर की ख़ातिर मैंने, न जाने कितनों...