UBI Contest ९९ कभी मन बहलाने को जो लिखे थे देखे तो वो...
कविता
जीवन की धमनियों में बहते प्रवाह को ही कविता कहते हैं।
प्यार का पंचतत्व: बचपन की निश्छलता से जीवनसंगिनी की पूर्णता तक का एक आत्मीय...
UBI contest ९८ ब्लैकबोर्ड सी जिंदगी रचयिता: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ श्यामपट्ट सी...
प्यार के छोटे बोल पर रिश्ता निभाना आता है। तेरे लिए कृपण रस्म...
क्रोध भी हाजिर है, बस दिखाने के, डराने के। नफरत भी हाजिर उसके,...
ए अलबेली री तू औरत करैली सुगंधित धनिया री मिर्ची अकेली पतली सी...
मेरी अनेकानेक गलतियों में एक गलती यह है कि मैं राजनीति नहीं जानता...
अपने मुंह में, तुझे धर लेगा। अजगर की तरह, जकड़ लेगा। अगर विश्वास...
रात की अलसाई मंजरी भोर के एक चुम्बन से, सकुचाई लालिमा लिए रवि के...